
मध्यप्रदेश में सोयाबीन उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू, 17 अक्टूबर तक किसान करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
भावांतर योजना के तहत खरीफ 2026 की सोयाबीन फसल के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन, आधार और बैंक खाते का सत्यापन जरूरी
भोपाल। मध्यप्रदेश में खरीफ वर्ष 2026 (विपणन वर्ष 2026-27) की सोयाबीन फसल बेचने के इच्छुक किसानों के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
भारत सरकार की प्राइस डिफिसिएन्सी पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के तहत किसान 17 अक्टूबर 2026 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकते हैं।
किसानों को पंजीयन के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। प्रशासन की ओर से जिला और तहसील स्तर पर पंजीयन की व्यवस्थाएं की गई हैं।
इन केंद्रों पर निःशुल्क होगा पंजीयन
किसान ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्रों तथा सहकारी समितियों और विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर बिना किसी शुल्क के पंजीयन करा सकेंगे।
इसके अलावा एमपी ऑनलाइन, सीएससी कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन कराया जा सकता है। इन केंद्रों पर अधिकतम 50 रुपये प्रति पंजीयन शुल्क निर्धारित किया गया है।
बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए विशेष व्यवस्था
सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
इन किसानों के दस्तावेजों और पात्रता का 100 प्रतिशत सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
आधार लिंक बैंक खाते में होगा भुगतान
सोयाबीन उपार्जन का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा।
बैंक खाते के सत्यापन के लिए 1 रुपये का टेस्ट ट्रांजेक्शन भी किया जाएगा।
संयुक्त खाते, अक्रियाशील बैंक खाते तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम जैसे पेमेंट बैंक खाते भुगतान के लिए मान्य नहीं होंगे।
किसान के भू-अभिलेख/खसरा और आधार कार्ड में दर्ज नाम का मिलान भी आवश्यक होगा। नाम में अंतर होने की स्थिति में संबंधित तहसील कार्यालय के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा।
पंजीयन और फसल बिक्री के समय आधार सत्यापन अनिवार्य
किसानों के पंजीयन के साथ-साथ फसल विक्रय के समय भी आधार नंबर का सत्यापन OTP या बायोमीट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जाएगा।
किसानों की सुविधा को देखते हुए तहसील और पोस्ट ऑफिस स्तर पर आधार केंद्रों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गांवों में मुनादी और SMS से दी जा रही जानकारी
कृषकों को समय पर पंजीयन कराने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। पुराने पंजीकृत किसानों को SMS के माध्यम से सूचना भेजी जा रही है। इसके अलावा गांवों में मुनादी, ग्राम पंचायतों के सूचना पटल और कृषि उपज मंडियों में बैनर के माध्यम से भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
किसानों से अपील की गई है कि वे 17 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि से पहले अपना पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि सोयाबीन उपार्जन प्रक्रिया में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
EYEBREAKINGNEWS
Editor in chief
राजेश बागवान माली
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