
किसान क्रेडिट कार्ड अब ऑनलाइन होगा स्वीकृत
घर बैठे आवेदन, कम दस्तावेजों में ऋण सुविधा; किसानों से e-KYC और भूमि लिंक कराने की अपील
सीहोर, मध्य प्रदेश। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और फसल ऋण की प्रक्रिया को आसान एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की प्रक्रिया को डिजिटल किए जाने की दिशा में पहल की जा रही है। नई व्यवस्था के तहत किसान समग्र आईडी और आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
बताया गया है कि भूमि संबंधी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होने के कारण किसानों को कम दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे और ऋण प्रक्रिया में लगने वाला समय भी कम होगा। पात्र किसानों को लगभग एक सप्ताह में फसल ऋण स्वीकृत किए जाने की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवस्था की जा रही है।
🌾 किसानों के लिए प्रमुख सुविधाएं
नई व्यवस्था के तहत पात्र किसानों को 5 लाख रुपये तक के फसल ऋण, खरीफ एवं रबी फसल के लिए ऋण तथा नियमानुसार 365 दिनों तक शून्य प्रतिशत ब्याज जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए ब्याज अनुदान एवं प्रोत्साहन का भी प्रावधान बताया गया है।
📱 पैक्स संस्थाएं होंगी डिजिटल
सहकारी समितियों यानी पैक्स (PACS) के कंप्यूटरीकरण से किसानों को सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सभी लेन-देन का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा तथा प्रत्येक लेन-देन की जानकारी SMS के माध्यम से किसान को प्राप्त होगी।
किसान e-Passbook Mobile App के माध्यम से अपने खाते और लेन-देन से संबंधित जानकारी भी देख सकेंगे।
🌱 ऋण सुविधा से वंचित किसानों को राहत
तकनीकी अनियमितताओं के कारण ऋण सुविधा से वंचित रह गए पात्र किसानों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है। पात्रता पूरी करने वाले किसानों को फिर से नया फसल ऋण प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।
⚠️ किसान इन बातों का रखें ध्यान
किसानों से अपील की गई है कि वे—
अपनी समग्र आईडी का e-KYC अपडेट कराएं।
भू-अभिलेख पोर्टल पर अपनी भूमि लिंक कराएं।
आधार, समग्र आईडी और मोबाइल नंबर सहकारी समिति में अपडेट रखें।
KCC एवं फसल ऋण से संबंधित जानकारी के लिए अपनी निकटतम सहकारी समिति या जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, सीहोर से संपर्क करें।
समृद्ध किसान–सशक्त सहकार की दिशा में डिजिटल KCC व्यवस्था से किसानों को ऋण प्रक्रिया में सुविधा मिलने और सहकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
Editor in Chief
राजेश बागवान माली
EYEBREAKINGNEWS.in
