
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005: हर नागरिक के लिए जानना जरूरी है RTI का अधिकार
RTI क्या है? जानिए सूचना मांगने का अधिकार और आवेदन की प्रक्रिया
नई दिल्ली। सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 भारत के नागरिकों को सरकारी विभागों और सार्वजनिक प्राधिकरणों से निर्धारित नियमों के तहत जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देता है।
यह कानून प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
RTI से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
1. RTI कानून कब लागू हुआ? सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 पूरे भारत में 12 अक्टूबर 2005 से लागू हुआ।
2. कौन RTI लगा सकता है? भारत का कोई भी नागरिक RTI आवेदन कर सकता है।
3. किन विभागों से जानकारी मांगी जा सकती है?
केंद्र और राज्य सरकार के विभाग
नगर निगम एवं पंचायत
सरकारी स्कूल और कॉलेज
पुलिस एवं प्रशासनिक विभाग
अन्य संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण
4. जवाब कितने दिन में मिलता है?
सामान्य मामलों में: 30 दिन
जीवन एवं स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में: 48 घंटे
कुछ परिस्थितियों में आवेदन के माध्यम से संबंधित समय-सीमा में बदलाव हो सकता है।
5. RTI आवेदन की फीस कितनी है? केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार सामान्य आवेदन शुल्क ₹10 है।
6.
बीपीएल श्रेणी के पात्र आवेदकों को निर्धारित शर्तों के तहत शुल्क से छूट मिलती है। राज्यवार नियम अलग हो सकते हैं।
6. जवाब नहीं मिलने पर क्या करें? यदि निर्धारित समय में सूचना नहीं मिलती या प्राप्त जानकारी से संतुष्टि नहीं होती, तो
आवेदक प्रथम अपील कर सकता है। इसके बाद परिस्थितियों के अनुसार द्वितीय अपील सूचना आयोग में की जा सकती है।
7. किन सूचनाओं पर रोक हो सकती है? RTI अधिनियम में राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यक्तिगत जानकारी और अन्य निर्धारित श्रेणियों से संबंधित सूचनाओं को कुछ परिस्थितियों में छूट दी गई है।
8.
नागरिकों के लिए संदेश
सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त करने का कानूनी माध्यम देता है। आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग, मांगी जाने वाली सूचना और लागू शुल्क की जानकारी जांचना जरूरी है।
स्रोत: भारत सरकार, सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 संबंधी आधिकारिक मार्गदर्शिका।
EYEBREAKINGNEWS
Editor in chief
राजेश बागवान माली
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