BREAKINGNEWS
●योग मुद्रा: शारीरिक और मानसिक संतुलन का प्रभावी माध्यम, जानिए इसके लाभ और करने का तरीका●सीहोर जिले में 21 अक्टूबर से लगेंगे वित्तीय समावेशन के विशेष शिविर, 31 दिसंबर तक चलेगा अभियान●मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत व्यवस्थाओं का लिया जायजा, ऑनलाइन सेवाओं और अभिलेखों के संधारण की समीक्षा●शिवराज–मोहन की बैठक के बाद प्रशासन सक्रिय, रात में प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे कलेक्टर बालागुरु के●कोसमी के आदिवासी परिवारों के मामले में CM हाउस में मंथन, शिवराज–मोहन की बैठक खत्म●कोसमी से भोपाल तक आदिवासियों का पैदल मार्च, सीएम हाउस घेराव की तैयारी●कमिश्नर - कलेक्टर पहुंचे कोसमी, वन विकास निगम की कार्यवाही का किया निरीक्षण●सीहोर कलेक्टर ने शासन को सौंपी जांच रिपोर्ट, 31.48 हेक्टेयर वनभूमि पर अतिक्रमण का मामला उजागर●मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कई जिलों के कलेक्टर बदले, सुखबीर सिंह बने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव●मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कई जिलों के कलेक्टर बदले, सुखबीर सिंह बने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव●कोसमी में आदिवासियों के मकान तोड़ने पर CM मोहन यादव सख्त, मुख्य सचिव से मांगी रिपोर्ट●शिवराज के क्षेत्र में आदिवासियों के 12 मकान तोड़ने पर ST आयोग का नोटिस , CM मोहन यादव बोले- करा रहे जांच तीन दिन में जवाब देने के निर्देश●कोसमी में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने पर शिवराज सिंह चौहान नाराज, मुख्य सचिव को लगाया फोन●कोसमी में आदिवासियों के आशियानों पर संकट! शिवराज सिंह चौहान धरने बैठे●सीहोर: कोसमी में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े, मक्का की फसल नष्ट करने का आरोप
--:--:--
Loading...
🌡️--°CGetting weather...

Eye Breaking News

collapse
...
Home / कानून और व्यवस्था / DNA रिपोर्ट से बदला रेप केस का फैसला: हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा रद्द कर आरोपी को किया बरी

DNA रिपोर्ट से बदला रेप केस का फैसला: हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा रद्द कर आरोपी को किया बरी

Sep 21, 2026  राजेश बागवान माली 50 views
DNA रिपोर्ट से बदला रेप केस का फैसला: हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा रद्द कर आरोपी को किया बरी

DNA रिपोर्ट से बदला रेप केस का फैसला: हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा रद्द कर
आरोपी को किया बरी


सिवनी | 21 सितंबर 2026


मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से जुड़े दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 10 साल की सजा रद्द कर दी।

फैसले में DNA रिपोर्ट की अहम भूमिका रही, जिसमें आरोपी और पीड़िता के बच्चे का DNA मैच नहीं हुआ।


DNA रिपोर्ट के आधार पर मिला संदेह का लाभ
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लखनादौन निवासी तीरथ उर्फ छोटू टेकाम पर पड़ोस में रहने वाली मानसिक रूप से असक्षम युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप था।

मामले में जिला न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
आरोपी ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।


हाईकोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति देव नारायण मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान DNA रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता और नवजात बच्चे का DNA आपस में मेल खाता था,

लेकिन आरोपी और बच्चे का DNA मैच नहीं हुआ।
अदालत ने DNA साक्ष्य के आधार पर आरोपी को बच्चे का जैविक पिता नहीं माना और संदेह का लाभ देते हुए उसे दोषमुक्त कर दिया।


मामले में गवाही भी हुई थी
रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने भी आरोपी के खिलाफ बयान दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता काम के सिलसिले में नागपुर गए थे।

लौटने के बाद मामले की जानकारी सामने आई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

स्रोत: नवभारत टाइम्स

EYEBREAKINGNEWS 
Editor in chief 
राजेश बागवान माली 
हमारी खबर आपकी नज़र


Share:

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy