
दादा धूनी दरबार में 51 दिवसीय महायज्ञ, डेढ़ किलो सोना और 4 किलो से अधिक चांदी अर्पित
रायसेन | 22 सितंबर 2026
रायसेन जिले के उदयपुरा स्थित दादा धूनी दरबार में 51 दिनों तक चला भव्य धार्मिक अनुष्ठान इन दिनों चर्चा में है। संत शिवानंद महाराज के सान्निध्य में हुए इस महायज्ञ में आयोजकों के अनुसार करीब 1 लाख 51 हजार किलो सामग्री, 251 प्रकार की जड़ी-बूटियां तथा करीब डेढ़ किलो सोना और 4 से 5 किलो चांदी के आभूषण धूनी में अर्पित किए गए।
29 जुलाई से 17 सितंबर तक चला आयोजन
आयोजकों के मुताबिक महायज्ञ की शुरुआत 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हुई थी और यह 17 सितंबर तक लगातार चला।
इसके बाद 21 दिवसीय नर्मदा संकीर्तन का आयोजन शुरू किया गया है, जो 8 अक्टूबर तक चलने की बात कही गई है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा किया गया है।
धूनी में सोना-चांदी अर्पित करने का दावा
संत शिवानंद महाराज के अनुसार, महायज्ञ के दौरान करीब डेढ़ किलो सोने और 4 से 5 किलो चांदी के आभूषण धूनी में अर्पित किए गए।
आयोजकों का कहना है कि धूनी में अर्पित सोना-चांदी अग्नि में भस्म हो जाता है और बाद में उस भस्म को मां नर्मदा में विसर्जित किया जाता है।
आयोजकों के अनुसार, अनुष्ठान में फल-फूल, मिठाई, वस्त्र, हवन सामग्री और 251 प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियां भी अर्पित की गईं।
इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र मिलने का दावा
आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, इस बड़े धार्मिक अनुष्ठान के लिए संत शिवानंद महाराज को 'इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है।
संत शिवानंद महाराज ने दावा किया है कि इस आयोजन के लिए किसी व्यक्ति या संस्था से चंदा अथवा आर्थिक सहयोग नहीं लिया गया और पूरा
आयोजन दादा धूनी वाले महाराज के आशीर्वाद से संपन्न हुआ।
21 करोड़ रुपये का चैलेंज
महायज्ञ को लेकर संत शिवानंद महाराज ने यह भी कहा कि यदि दुनिया में कोई अन्य व्यक्ति या संस्था इसी स्तर और स्वरूप का आयोजन करके दिखाती है,
तो वे उसे 21 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देंगे। यह बयान भी आयोजन की चर्चा का प्रमुख कारण बना हुआ है।
EYEBREAKINGNEWS
Editor in chief
राजेश बागवान माली
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