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ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का पंजीकृत मालिकाना हक, 17 सितंबर से शुरू होगी स्वामित्व योजना

Sep 12, 2026  राजेश बागवान माली 125 views
ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का पंजीकृत मालिकाना हक, 17 सितंबर से शुरू होगी स्वामित्व योजना

ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का पंजीकृत मालिकाना हक, 17 सितंबर से शुरू होगी
स्वामित्व योजना


सीहोर। मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकारों को सुरक्षित करने और उन्हें संपत्ति का वैधानिक मालिकाना हक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2026 से होगी।


योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में स्वामित्व योजना से संबंधित अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख (डीड ऑफ कन्वेयंस) का निष्पादन एवं पंजीयन निःशुल्क किया जाएगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग के निर्देशन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले से कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और दस्तावेजों के पंजीयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
संपत्ति के आधार पर आसानी से मिल सकेगा बैंक ऋण
स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेख प्राप्त करने वाले भू-खण्डधारियों को अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी। पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध होने से नागरिक अपनी संपत्ति का उपयोग गृह निर्माण, नया व्यवसाय शुरू करने और कृषि संबंधी आवश्यकताओं के लिए वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में कर सकेंगे।

पंजीकृत अभिलेखों से बैंकिंग संस्थाओं को भू-खण्ड के स्वामित्व और कीमत का आकलन करने में भी सुविधा होगी, जिससे ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
जिले में चलेगा विशेष अभियान

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को पात्र भू-खण्डधारियों के दस्तावेजों के निष्पादन एवं पंजीयन की कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए जाएंगे।

अभियान के दौरान ग्रामीण नागरिकों को योजना और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।


ड्रोन सर्वे से तैयार अभिलेखों को मिलेगा कानूनी आधार
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के माध्यम से सर्वेक्षण एवं डिजिटल मानचित्रण कर भू-खण्डों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। अब इन अधिकार अभिलेखों के आधार पर हस्तांतरण विलेख का निष्पादन एवं पंजीयन होने से नागरिकों को संपत्ति का कानूनी और पंजीकृत मालिकाना हक प्राप्त होगा।


डिजिटल मानचित्रण और स्पष्ट अभिलेखों से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आने तथा ग्रामीण संपत्तियों को आर्थिक परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

MPeSEVA से घर बैठे कर सकेंगे आवेदन
स्वामित्व दस्तावेज के पंजीयन की प्रक्रिया को नागरिक सुविधा आधारित बनाया गया है।

इसके तहत—
भूस्वामी MPeSEVA एप के माध्यम से घर बैठे स्वामित्व दस्तावेज के लिए आवेदन कर सकेंगे।
आवेदन का सत्यापन पटवारी द्वारा SAARA एप के माध्यम से किया जाएगा।

सत्यापन के बाद पंजीयन के लिए दस्तावेज तहसीलदार को भेजे जाएंगे।
तहसीलदार द्वारा SAMPADA एप के माध्यम से स्वामित्व दस्तावेज का पंजीयन किया जाएगा।

जो भूस्वामी स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे पटवारी के समक्ष उपस्थित होकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करा सकेंगे। ऐसी स्थिति में पटवारी SAARA एप के माध्यम से उनकी ओर से आवेदन करेगा।
ग्रामीण संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री
योजना के तहत मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण संपत्तियों की रजिस्ट्री से संबंधित स्टाम्प शुल्क, पंचायत उपकर एवं अन्य पंजीयन शुल्क का व्यय वहन किया

जाएगा। इससे ग्रामीण नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक भार के बिना अपनी संपत्ति का पंजीकृत दस्तावेज प्राप्त हो सकेगा।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकार अधिक सुरक्षित और सुदृढ़ होंगे। साथ ही संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण प्राप्त करने, स्वरोजगार शुरू करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के नए अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
स्रोत: जनसंपर्क मध्यप्रदेश
EYEBREAKINGNEWS.in
राजेश बागवान माली 
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