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सीहोर, मध्य प्रदेश प्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव मंजूर

Sep 02, 2026  राजेश बागवान माली 20 views
सीहोर, मध्य प्रदेश प्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव मंजूर

दिनांक : 02 सितंबर 2026 | स्थान : सीहोर, मध्यh प्रदेश प्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव मंजूर मंत्रि-परिषद के महत्वपूर्ण निर्णय: वीबी जी राम जी योजना के लिए 29,619 करोड़, डेयरी विकास के लिए 2,973 करोड़ और पश्चिम भोपाल बायपास के लिए 3,774 करोड़ रुपये की स्वीकृति जिला जनसंपर्क सीहोर सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे, ग्रामीण रोजगार, स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा, डेयरी विकास और किसानों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में लगभग 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों और जनकल्याणकारी योजनाओं को स्वीकृति एवं अनुसमर्थन प्रदान किया गया। वीबी जी राम जी योजना के लिए 29,619 करोड़ रुपये का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद ने विकसित भारत (ग्रामीण): वीबी जी राम जी विकसित भारत जी राम जी योजना मध्यप्रदेश के क्रियान्वयन तथा इसे 1 जुलाई 2026 से प्रभावशील किए जाने का अनुसमर्थन किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना की अनुमानित लागत 3,183 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल अनुमानित लागत 26,436 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के स्थान पर 125 दिनों के श्रमजन्य रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी। ग्राम पंचायतों में GIS आधारित तकनीक, पीएम गति शक्ति लेयर्स और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार की जाएगी। योजना में बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मस्टर रोल और प्रत्येक छह माह में सामाजिक अंकेक्षण जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल की गई हैं। डेयरी विकास और सांची ब्रांड के उन्नयन के लिए 2,973 करोड़ प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण तथा सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड के उन्नयन के लिए 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी दी गई है। आगामी पांच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 से बढ़ाकर 26 हजार ग्रामों तक करने, दुग्ध संकलन को 12 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तथा प्रसंस्करण क्षमता को 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। पश्चिम भोपाल बायपास के लिए 3,774 करोड़ रुपये मंत्रि-परिषद ने पश्चिम भोपाल बायपास 4-लेन मय पेव्ड शोल्डर, लंबाई 35.61 किलोमीटर, के निर्माण के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। परियोजना के निर्माण से जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर से गुजरने की आवश्यकता कम होगी और लगभग 21 किलोमीटर की दूरी कम होने की संभावना है। मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग को 3,272 करोड़ की स्वीकृति 67.116 किलोमीटर लंबे मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग को 4-लेन मय पेव्ड शोल्डर के साथ हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल पर विकसित करने के लिए लगभग 3,272 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग क्षेत्रीय, अंतरराज्यीय और औद्योगिक यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। बीना क्षेत्र में स्थित रिफाइनरी, थर्मल पावर प्लांट, रेलवे यार्ड और अन्य औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए इसे महत्वपूर्ण आर्थिक एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम माना जा रहा है। भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वर्तमान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन के साथ भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन पृथक प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने को स्वीकृति दी गई है। भोपाल में मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, उज्जैन में मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय तथा जबलपुर में महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक प्रदेश की चिकित्सा संस्थाओं में मशीन एवं उपकरणों के रखरखाव और मरम्मत के लिए 488 करोड़ 41 लाख रुपये तथा विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 915 करोड़ 77 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। दोनों योजनाएं 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालित रहेंगी। नवगठित जिलों में नए पदों की स्वीकृति मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जिला कार्यालयों के संचालन के लिए 21 पदों की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला आयुष कार्यालयों के संचालन के लिए 20 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। मूंग उपार्जन सीमा 60 प्रतिशत तक किसानों के हित में मंत्रि-परिषद ने पंजीकृत कृषकों से ग्रीष्मकालीन मूंग की उपज के उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक किए जाने के मुख्यमंत्री के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। मूंग एवं उड़द के उपार्जन के संबंध में भी निर्णय लिया गया है। मुख्य निर्णय एक नजर में 29,619 करोड़ रुपये — वीबी जी राम जी योजना 2,973 करोड़ रुपये — डेयरी विकास एवं सांची ब्रांड उन्नयन 3,774 करोड़ रुपये — पश्चिम भोपाल बायपास 3,272 करोड़ रुपये — मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग 488 करोड़ रुपये — चिकित्सा मशीन एवं उपकरणों का अनुरक्षण 916 करोड़ रुपये — चिकित्सा संस्थानों की परिसंपत्तियों का संधारण 21 पद — सामाजिक न्याय विभाग के जिला कार्यालय 20 पद — जिला आयुष कार्यालय 60 प्रतिशत तक — पंजीकृत किसानों से मूंग उपार्जन 125 दिन — ग्रामीण परिवारों के लिए प्रस्तावित वैधानिक रोजगार गारंटी  सुविचार “भरनी पड़ती है सदा अपनी करनी आप, बोया जिसने पाप है, कटेगा वह पाप।” महाभारत श्लोक “यतो धर्मस्ततो जयः।” जहाँ धर्म है, वहीं विजय है।

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 Editor in Chief राजेश बागवान माली 


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