
आयुष्मान योजना में कथित फर्जीवाड़ा: सृष्टि हॉस्पिटल संचालक पर EOW की FIR, 45 स्टाफ एंट्री में मिले सिर्फ 15 नाम
पैथोलॉजिस्ट के नाम और कथित फर्जी हस्ताक्षर से रिपोर्ट जारी करने का आरोप, 2025 में 709 आयुष्मान मरीजों का रिकॉर्ड जांच के घेरे में
भोपाल। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज और अस्पताल के स्टाफ से जुड़े रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल के संचालक राजकुमार सूर्यवंशी और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है।
EOW ने 5 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
45 स्टाफ एंट्री, लेकिन अलग-अलग नाम सिर्फ 15
EOW की जांच में आयुष्मान योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़ी 45 प्रविष्टियां सामने आईं। जांच में दावा किया गया कि इन प्रविष्टियों में अलग-अलग व्यक्ति करीब 15 ही थे। कई नामों को बार-बार दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि इन 45 प्रविष्टियों में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज पाया गया, जिसे अस्पताल संचालक से संबंधित बताया गया है।
जिस डॉक्टर का नाम दर्ज, उसने अस्पताल में काम से किया इनकार
जांच के दौरान एक महिला MD पैथोलॉजिस्ट का नाम आयुष्मान पोर्टल पर चार बार दर्ज पाया गया। संबंधित डॉक्टर ने जांच एजेंसी के समक्ष कथित तौर पर बताया कि उन्होंने सृष्टि हॉस्पिटल में कभी काम नहीं किया और न ही अस्पताल को अपने दस्तावेज उपलब्ध कराए थे।
इसके बावजूद उनके नाम का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
EOW इस पूरे मामले में संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पैथोलॉजी लैब की अनुमति पर भी सवाल
जांच में स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड से अस्पताल में पैथोलॉजी लैब संचालन की वैध अनुमति को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।
आरोप है कि पैथोलॉजी विभाग के नाम से रिपोर्ट तैयार की गईं और उन पर डॉक्टरों के नाम, सील तथा कथित फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया।
EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि ऐसी रिपोर्ट कितने मरीजों के मामलों में इस्तेमाल हुईं और उनका आयुष्मान योजना के क्लेम से क्या संबंध था।
709 आयुष्मान मरीजों का रिकॉर्ड जांच के दायरे में
जांच में वर्ष 2025 में 709 आयुष्मान हितग्राहियों के इलाज का रिकॉर्ड सामने आने की बात कही गई है।
EOW ने अस्पताल प्रबंधन से डॉक्टरों की नियुक्ति, उपस्थिति, वेतन, मरीजों की इलाज संबंधी फाइलें और अन्य दस्तावेज मांगे।
जांच एजेंसी अब इन रिकॉर्ड का मिलान आयुष्मान पोर्टल पर दर्ज जानकारी और अस्पताल द्वारा किए गए क्लेम से कर रही है।
कितनी राशि का भुगतान हुआ, इसकी भी जांच
EOW की जांच का अगला महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अस्पताल द्वारा आयुष्मान योजना के तहत कितने मरीजों के इलाज के दावे प्रस्तुत किए गए और उनके आधार पर अस्पताल को कितनी राशि का भुगतान हुआ।
फिलहाल कथित फर्जीवाड़े से संबंधित कुल वित्तीय नुकसान या सरकारी राशि के कथित गबन की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
EOW ने अस्पताल संचालक राजकुमार सूर्यवंशी और अन्य के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी अब अस्पताल के रिकॉर्ड, संबंधित डॉक्टरों के बयान, आयुष्मान पोर्टल की प्रविष्टियों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष के बाद ही होगी।
स्रोत अमर उजाला
EYEBREAKINGNEWS
Editor in chief
राजेश बागवान माली
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