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एमपी में 48 पटवारियों पर कार्रवाई: 27 बर्खास्त, 21 निलंबित; स्वामित्व योजना को लेकर विवाद, सरकार ने बुलाई बैठक

Oct 09, 2026  राजेश बागवान माली 158 views
एमपी में 48 पटवारियों पर कार्रवाई: 27 बर्खास्त, 21 निलंबित; स्वामित्व योजना को लेकर विवाद, सरकार ने बुलाई बैठक

एमपी में 48 पटवारियों पर कार्रवाई: 27 बर्खास्त, 21 निलंबित; स्वामित्व योजना को लेकर विवाद, सरकार ने बुलाई बैठक


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 मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 50 लाख संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री की तैयारी के बीच पटवारियों की भूमिका को लेकर विवाद गहरा गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश में 48 पटवारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 27 पटवारियों को बर्खास्त और 21 को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस मामले में पटवारी संघ ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।


क्या है पूरा विवाद?
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के पंजीयन की प्रक्रिया में पटवारियों को ‘निष्पादक’ की भूमिका दिए जाने पर विवाद सामने आया है।

पटवारी संघ का कहना है कि इस भूमिका के कारण भविष्य में संपत्ति से जुड़े विवादों में पटवारियों को कानूनी मामलों का सामना करना पड़ सकता है।
इसी आशंका के चलते पटवारी संघ ने इस भूमिका में काम करने पर आपत्ति जताई है।

संघ कार्रवाई को वापस लेने और अपनी मांगों पर सरकार से चर्चा करने की मांग कर रहा है।

50 लाख ग्रामीण संपत्तियों को मिलेगा मालिकाना हक
सरकार का लक्ष्य स्वामित्व योजना के माध्यम से प्रदेश की करीब 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों का नि:शुल्क पंजीयन कर पात्र हितग्राहियों को मालिकाना हक उपलब्ध कराना है।

इस पहल से ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्तियों के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।


डिप्टी सीएम के साथ बैठक में होगी चर्चा
पटवारियों पर हुई कार्रवाई और उनकी मांगों को लेकर सरकार स्तर पर चर्चा की तैयारी है। रिपोर्टों के मुताबिक, पटवारी प्रतिनिधिमंडल की उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ बैठक प्रस्तावित है। बैठक में पटवारियों की आपत्तियों, स्वामित्व योजना में उनकी भूमिका और कार्रवाई वापस लेने की मांग पर चर्चा होने की संभावना है।


अब आगे क्या?
स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन और पटवारी संघ की मांगों के बीच सरकार के सामने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की चुनौती है।

प्रस्तावित बैठक में होने वाली चर्चा के बाद ही इस विवाद के समाधान और पटवारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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Editor in chief 
राजेश बागवान माली 
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