BREAKINGNEWS
●योग मुद्रा: शारीरिक और मानसिक संतुलन का प्रभावी माध्यम, जानिए इसके लाभ और करने का तरीका●सीहोर जिले में 21 अक्टूबर से लगेंगे वित्तीय समावेशन के विशेष शिविर, 31 दिसंबर तक चलेगा अभियान●मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत व्यवस्थाओं का लिया जायजा, ऑनलाइन सेवाओं और अभिलेखों के संधारण की समीक्षा●शिवराज–मोहन की बैठक के बाद प्रशासन सक्रिय, रात में प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे कलेक्टर बालागुरु के●कोसमी के आदिवासी परिवारों के मामले में CM हाउस में मंथन, शिवराज–मोहन की बैठक खत्म●कोसमी से भोपाल तक आदिवासियों का पैदल मार्च, सीएम हाउस घेराव की तैयारी●कमिश्नर - कलेक्टर पहुंचे कोसमी, वन विकास निगम की कार्यवाही का किया निरीक्षण●सीहोर कलेक्टर ने शासन को सौंपी जांच रिपोर्ट, 31.48 हेक्टेयर वनभूमि पर अतिक्रमण का मामला उजागर●मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कई जिलों के कलेक्टर बदले, सुखबीर सिंह बने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव●मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कई जिलों के कलेक्टर बदले, सुखबीर सिंह बने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव●कोसमी में आदिवासियों के मकान तोड़ने पर CM मोहन यादव सख्त, मुख्य सचिव से मांगी रिपोर्ट●शिवराज के क्षेत्र में आदिवासियों के 12 मकान तोड़ने पर ST आयोग का नोटिस , CM मोहन यादव बोले- करा रहे जांच तीन दिन में जवाब देने के निर्देश●कोसमी में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने पर शिवराज सिंह चौहान नाराज, मुख्य सचिव को लगाया फोन●कोसमी में आदिवासियों के आशियानों पर संकट! शिवराज सिंह चौहान धरने बैठे●सीहोर: कोसमी में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े, मक्का की फसल नष्ट करने का आरोप
--:--:--
Loading...
🌡️--°CGetting weather...

Eye Breaking News

collapse
...
Home / आस्था / प्रेरक / लालच मनुष्य की वह इच्छा है, जिसमें जरूरत से अधिक पाने की चाह कभी समाप्त नहीं होती

लालच मनुष्य की वह इच्छा है, जिसमें जरूरत से अधिक पाने की चाह कभी समाप्त नहीं होती

Sep 04, 2026  राजेश बागवान माली 15 views

लालच
लालच मनुष्य की वह इच्छा है, जिसमें जरूरत से अधिक पाने की चाह कभी समाप्त नहीं होती। धन, संपत्ति, पद या प्रतिष्ठा का लालच इंसान को सही और गलत के बीच का अंतर भुला सकता है।
लालच में व्यक्ति बहुत कुछ पाने के बावजूद संतुष्ट नहीं होता। धीरे-धीरे यही असंतोष रिश्तों, सम्मान और मानसिक शांति को भी नुकसान पहुँचा सकता है।
“जरूरत पूरी होने पर संतोष मिलता है, लेकिन लालच बढ़ने पर जरूरत कभी पूरी नहीं होती।”
इसलिए जीवन में मेहनत कमाई का साधन हो, संतोष धन हो और ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी हो। 🙏


Share:

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy