
भोपाल में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच, 4 खाद्य नमूने लिए
होटल रंजीत लेक व्यू, बाबू की कुटिया और सागर गहरी रेस्टोरेंट का निरीक्षण

भोपाल। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के निर्देश एवं कलेक्टर भोपाल के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने भोपाल के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया।
कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना रहा।
जांच दल ने होटल रंजीत लेक व्यू, बाबू की कुटिया (बी.के. फूड्स हॉस्पिटैलिटी) और माता मंदिर के पास स्थित सागर गहरी रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया।
होटल रंजीत लेक व्यू में सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान होटल में सामान्य साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। कर्मचारियों द्वारा टोपी एवं एप्रन का उपयोग किया जा रहा था तथा कच्चे खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण पाया गया।
हालांकि, डस्टबिन खुली अवस्था में, ड्रेनेज व्यवस्था में कमी, रखरखाव की आवश्यकता तथा फ्राइंग कढ़ाई काली पाई गई। इन कमियों को लेकर संचालक को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए और Improvement Notice जारी किया गया।
बाबू की कुटिया से घी और लाल ग्रेवी के नमूने
बाबू की कुटिया—बी.के. फूड्स हॉस्पिटैलिटी के निरीक्षण में FSSAI लाइसेंस का प्रमुख स्थान पर प्रदर्शन नहीं पाया गया। वर्करों के मेडिकल चेकअप/फिटनेस रिकॉर्ड, FOSTAC प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, शिकायत पंजी, Water Potability Report, NABL मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट तथा पानी की टंकी की सफाई संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाए गए।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए यहां से घी और लाल कलर की ग्रेवी के नमूने लिए गए। नमूनों को नियमानुसार खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की गई।
सागर गहरी रेस्टोरेंट में कई कमियां मिलीं
माता मंदिर के पास स्थित सागर गहरी रेस्टोरेंट के निरीक्षण में किचन सड़क की ओर से खुला पाया गया। वर्करों के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे।
डस्टबिन खुली अवस्था में मिली, भंडारण कक्ष में लीकेज पाया गया तथा खाद्य पदार्थों के दूषित होने की संभावना सामने आई।
कोल्ड स्टोरेज में खाद्य पदार्थों का व्यवस्थित भंडारण नहीं पाया गया। कुछ खाद्य पदार्थ खुले में रखे मिले। Pest Control रिकॉर्ड और Water Potability Report भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
इसके अलावा मिसब्रांडेड पैकिंग वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण पाया गया।
काली मिर्च में मिलावट की आशंका
निरीक्षण के दौरान काली मिर्च में मिलावट की आशंका पर मौके पर डेमोंसट्रेशन किया गया। डेमोंसट्रेशन के दौरान काली मिर्च में पपीते के बीज दिखाई दिए।
इस संबंध में काली मिर्च का विधिक नमूना लिया गया। साथ ही मिसब्रांडेड पाए गए सफेद पाउडर पैक का भी नमूना लिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार काली मिर्च में पपीते के बीज की मिलावट की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण के बाद ही होगी।
कुल चार खाद्य नमूने लिए गए
जांच के दौरान कुल 4 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए—
घी — बाबू की कुटिया
लाल कलर की ग्रेवी — बाबू की कुटिया
काली मिर्च — सागर गहरी रेस्टोरेंट
सफेद पाउडर पैक — सागर गहरी रेस्टोरेंट
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि
प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों एवं विनियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, भोपाल द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं नमूना कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।
स्रोत: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, भोपाल, मध्यप्रदेश
जिला जनसंपर्क विभाग भोपाल
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राजेश बागवान माली
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